एमपी कैबिनेट के बड़े फैसले: समान नागरिक संहिता-2026 को मंजूरी, 73 अस्पतालों के उन्नयन समेत 9 अहम विधेयकों पर मुहर
भोपाल।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में गौंड वंश के ऐतिहासिक दुर्ग जगदीशपुर स्थित चमन महल में आयोजित मंत्रिपरिषद की बैठक में कई महत्वपूर्ण और ऐतिहासिक निर्णय लिए गए। कैबिनेट ने मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) 2026 के विधेयक को मंजूरी देते हुए इसे आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत करने का निर्णय लिया। इसके अलावा 8 अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को भी विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति दी गई। स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला लेते हुए प्रदेश के 73 स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन को भी मंजूरी प्रदान की गई।
मुख्य बातें (Highlights)
- मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) 2026 को कैबिनेट की मंजूरी।
- 8 अन्य महत्वपूर्ण विधेयकों को भी विधानसभा में पेश करने की स्वीकृति।
- 73 स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन का फैसला।
- 776.13 करोड़ रुपये से अस्पतालों का विस्तार और उन्नयन।
- 1600 नियमित, 71 संविदा और 560 आउटसोर्स पदों के सृजन को मंजूरी।
1. मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता (UCC) 2026 को मंजूरी
मंत्रिपरिषद ने ‘मध्यप्रदेश समान नागरिक संहिता, 2026’ विधेयक को मंजूरी दी।
प्रमुख निर्णय
- विधेयक को आगामी विधानसभा सत्र में प्रस्तुत किया जाएगा।
- आवश्यक संवैधानिक और प्रक्रियात्मक औपचारिकताओं के लिए विधि एवं विधायी कार्य विभाग को अधिकृत किया गया।
2. इन 8 विधेयकों को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने निम्नलिखित विधेयकों को भी स्वीकृति प्रदान की—
- मध्यप्रदेश निरसन विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश राजमार्ग (संशोधन) विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश अग्निशमन एवं आपातकालीन सेवाएं विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश निजी विश्वविद्यालय (स्थापना एवं संचालन) संशोधन विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश धन्वंतरि स्वास्थ्य विश्वविद्यालय विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय (संशोधन) विधेयक, 2026
- मध्यप्रदेश कोड ऑन एम्पावरिंग वर्कस्पेसेज (मध्यप्रदेश श्रम शक्ति संहिता), 2026
- मध्यप्रदेश ईज ऑफ डूइंग बिजनेस विधेयक, 2026
3. स्वास्थ्य क्षेत्र को बड़ी सौगात
प्रदेश के नागरिकों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से कैबिनेट ने 73 स्वास्थ्य संस्थानों के उन्नयन को मंजूरी दी।
कुल स्वीकृत राशि
- 776.13 करोड़ रुपये
4. किन संस्थानों का होगा उन्नयन
कैबिनेट के फैसले के अनुसार—
- 29 उप स्वास्थ्य केंद्र → 6 बिस्तर वाले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र बनाए जाएंगे।
- 19 प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र → सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में उन्नत होंगे।
- 18 सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र → 50 बिस्तर वाले सिविल अस्पताल बनाए जाएंगे।
- 7 स्वास्थ्य संस्थान → 100 बिस्तर वाले अस्पताल में विकसित किए जाएंगे।
5. नए पदों का सृजन
स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए—
- 1600 नियमित पद
- 71 संविदा पद
- 560 आउटसोर्स कर्मियों
की नियुक्ति को मंजूरी दी गई।
इसके लिए प्रति वर्ष 122.83 करोड़ रुपये के अतिरिक्त व्यय को भी स्वीकृति मिली।
6. स्वास्थ्य सेवाओं को मिलेगा लाभ
सरकार का कहना है कि इन फैसलों से—
- ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध होंगी।
- मरीजों को स्थानीय स्तर पर इलाज मिलेगा।
- बड़े अस्पतालों पर दबाव कम होगा।
- स्वास्थ्य सेवाओं की पहुंच और गुणवत्ता दोनों में सुधार होगा।
मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में हुई बैठक
यह कैबिनेट बैठक गौंड वंश के ऐतिहासिक जगदीशपुर दुर्ग के चमन महल में आयोजित की गई, जहां समानता, न्याय और सुशासन की भावना को समर्पित कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए।
