Uttarakhand

युवाओं ने सीएम धामी से किया बेबाक संवाद, रोजगार से लेकर पर्यावरण और सीमांत क्षेत्रों तक पूछे सवाल

मुख्यमंत्री बोले- भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस, शिकायत पर होगी त्वरित कार्रवाई

खटीमा। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने सोमवार को सनातन धर्मशाला, खटीमा परिसर स्थित एक निजी विद्यालय के सोबन सिंह जीना सभागार में आयोजित ‘युवा समसामयिक संवाद’ कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। दीप प्रज्ज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। इस दौरान विभिन्न विद्यालयों से पहुंचे विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास, पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन जैसे विषयों पर मुख्यमंत्री से सीधे सवाल किए। मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों के सवालों का सहज और स्पष्ट अंदाज में जवाब दिया।

भ्रष्टाचार के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति

मुख्यमंत्री ने युवाओं से संवाद के दौरान पारदर्शी और भ्रष्टाचार मुक्त उत्तराखंड के निर्माण का संकल्प दोहराया। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर काम कर रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि यदि कोई अधिकारी या कर्मचारी काम के बदले रिश्वत मांगता है अथवा किसी तरह का अनुचित दबाव बनाता है तो नागरिक टोल-फ्री नंबर 1064 या संबंधित मोबाइल ऐप के माध्यम से शिकायत दर्ज करा सकते हैं। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता की पहचान गोपनीय रखी जाती है और शिकायतों की विशेष टीमों के माध्यम से त्वरित जांच कराई जाती है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड देवभूमि है और देवभूमि की व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी एवं भ्रष्टाचार मुक्त होनी चाहिए।

‘विकल्प रहित संकल्प’ से बनेगा अग्रणी उत्तराखंड

मुख्यमंत्री ने कहा कि उनका लक्ष्य ऐसा उत्तराखंड बनाना है जहां युवाओं को बेहतर शिक्षा, रोजगार और कौशल विकास के लिए राज्य से बाहर जाने की मजबूरी न हो। इसके लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा एवं स्वास्थ्य सुविधाओं, बेहतर कनेक्टिविटी और आधुनिक बुनियादी ढांचे के विकास पर तेजी से कार्य किया जा रहा है।

उन्होंने कहा कि उत्तराखंड के पास हिमालय, नदियां, वन संपदा, कृषि संसाधन और बेहतर शैक्षणिक संस्थानों जैसी अपार प्राकृतिक एवं मानवीय संपदा है। इन संसाधनों का बेहतर उपयोग कर राज्य को विकास की नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने के लिए सरकार ‘विकल्प रहित संकल्प’ के साथ काम कर रही है।

सीमांत गांवों को ‘अंतिम छोर’ नहीं, ‘प्रथम गांव’ के रूप में विकसित करने पर जोर

छात्रा आल्या के सीमांत क्षेत्रों से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र और राज्य सरकार वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम के तहत सीमांत क्षेत्रों के विकास को प्राथमिकता दे रही हैं।

उन्होंने कहा कि सीमांत गांव देश का अंतिम छोर नहीं, बल्कि भारत के प्रथम गांव और प्रथम क्षेत्र हैं। इसी सोच के साथ इन क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं और ढांचागत विकास को प्राथमिकता दी जा रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि सीमांत क्षेत्रों में बिजली, पेयजल, सड़क, स्वास्थ्य और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की सुविधाएं मजबूत की जा रही हैं। पलायन रोकने के लिए स्थानीय स्तर पर रोजगार सृजन पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है, ताकि युवाओं को अपने गांव और घर के आसपास ही आजीविका के बेहतर अवसर मिल सकें।

विकास के साथ पर्यावरण संरक्षण भी प्राथमिकता

कक्षा 11 की छात्रा रेखा ने आपदा प्रबंधन और विकास एवं पर्यावरण संरक्षण के बीच संतुलन को लेकर सवाल किया। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तराखंड की प्राकृतिक संपदा प्रदेश की सबसे बड़ी धरोहर है। सरकार विकास कार्यों के साथ पर्यावरण संरक्षण को भी समान प्राथमिकता दे रही है।

उन्होंने कहा कि प्रदेश में विकास और पर्यावरण के बीच संतुलन स्थापित करते हुए उत्तराखंड को प्रगति के पथ पर आगे बढ़ाया जाएगा।

34 हजार से अधिक युवाओं को मिली सरकारी नौकरी

सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं से मुख्यमंत्री ने अनुशासित जीवन जीने और सकारात्मक सोच के साथ प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने का आह्वान किया।

उन्होंने कहा कि राज्य सरकार अब तक 34 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नौकरी उपलब्ध करा चुकी है। आने वाले समय में भी युवाओं के लिए रोजगार और करियर के नए अवसर उपलब्ध कराने की प्रक्रिया जारी रहेगी।

पर्यटन को मिली नई रफ्तार

छात्र अब्दुल के पर्यटन से जुड़े सवाल पर मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर सड़क कनेक्टिविटी, हवाई सेवाओं और होमस्टे जैसी सुविधाओं के विस्तार से उत्तराखंड के पर्यटन क्षेत्र को नई गति मिली है।

उन्होंने कहा कि चम्पावत, मुनस्यारी, कौसानी, बेरीनाग, चौकोड़ी, पंचाचूली और आदि कैलाश जैसे पर्यटन स्थलों में पर्यटकों की संख्या बढ़ी है। पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं, स्वच्छ वातावरण और अच्छा आतिथ्य उपलब्ध कराने पर सरकार विशेष ध्यान दे रही है।

मुख्यमंत्री ने कहा कि बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी का परिणाम है कि प्रदेश में पर्यटकों की वार्षिक संख्या 7 से 8 करोड़ के पार पहुंच गई है।

18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा

युवा संवाद कार्यक्रम में विभिन्न 18 विद्यालयों के करीब 360 विद्यार्थियों ने प्रतिभाग किया। खुशबू हिंद पब्लिक स्कूल, अब्दुल आरपी स्कूल, सतवीर सिंह रोज पब्लिक स्कूल, देव विश्वास शिक्षा भारती स्कूल, आयुषी आईआईएचसीए, रिजवान जीआईसी, रुद्र प्रताप सिंह रोज पब्लिक स्कूल और शहीद हरि किशन इंटर कॉलेज सहित विभिन्न विद्यालयों के विद्यार्थियों ने संवाद में हिस्सा लिया।

सोनू सिंह, हिमांशी, आलिदा, खुशी अवस्थी सहित अन्य विद्यार्थियों ने रोजगार, सेवायोजन, पर्यटन, विकास एवं पर्यावरण संरक्षण, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी और आपदा प्रबंधन से जुड़े सवाल मुख्यमंत्री के समक्ष रखे।

कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष अजय मौर्य, नगर पालिका अध्यक्ष रमेश चंद्र जोशी, प्रेम सिंह टूरना, दर्जा मंत्री गंभीर सिंह धामी, किशन सिंह किन्ना, मोहिनी पोखरिया, पूर्व विधायक डॉ. प्रेम सिंह राणा, जिलाधिकारी नितिन सिंह भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय गणपति, वीसी जय किशन, मुख्य विकास अधिकारी दिवेश शासनी और अपर जिलाधिकारी कौस्तुभ मिश्रा सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।

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