Monday, July 20, 2026
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सीएम धामी ने केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से की मुलाकात, उत्तराखंड के लिए अतिरिक्त बिजली और ऊर्जा परियोजनाओं पर रखा प्रस्ताव

जुलाई के लिए 150 मेगावाट और अगस्त के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली की मांग, जल विद्युत, BESS और ADB परियोजनाओं पर भी हुई चर्चा

नई दिल्ली।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से मुलाकात कर उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरतों, अतिरिक्त बिजली आपूर्ति, जल विद्युत परियोजनाओं, पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) और पिटकुल की एडीबी (ADB) सहायतित पारेषण परियोजना सहित कई महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तार से चर्चा की।

मुख्यमंत्री ने राज्य की ऊर्जा आवश्यकताओं को देखते हुए केंद्रीय पूल से अतिरिक्त बिजली उपलब्ध कराने का अनुरोध किया। साथ ही विभिन्न ऊर्जा परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता देने की भी मांग रखी।


मुख्य बातें (Highlights)

● केंद्रीय विद्युत मंत्री से की मुलाकात

  • मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नई दिल्ली में केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर से भेंट की।
  • उत्तराखंड की ऊर्जा जरूरतों और भविष्य की परियोजनाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।

जुलाई और अगस्त के लिए अतिरिक्त बिजली की मांग

मुख्यमंत्री ने बताया कि—

  • एल-नीनो की संभावित परिस्थितियों के कारण वर्षा कम हो सकती है।
  • जलाशयों में कम जल आने से जल विद्युत उत्पादन प्रभावित होने की आशंका है।
  • चारधाम यात्रा और कांवड़ यात्रा के दौरान बिजली की मांग बढ़ेगी।

इसे देखते हुए उन्होंने मांग की—

  • जुलाई 2026 की शेष अवधि के लिए 150 मेगावाट अतिरिक्त बिजली
  • अगस्त 2026 के लिए 200 मेगावाट अतिरिक्त बिजली

केंद्रीय पूल से उपलब्ध कराई जाए।


जल विद्युत परियोजनाओं के लिए विशेष पैकेज की मांग

मुख्यमंत्री ने केंद्र सरकार से अनुरोध किया कि—

  • उत्तराखंड को पूर्वोत्तर राज्यों की तर्ज पर जल विद्युत परियोजनाओं के लिए विशेष वित्तीय सहायता दी जाए।
  • इससे राज्य की ऊर्जा क्षमता और उत्पादन में तेजी आएगी।

पम्प्ड स्टोरेज परियोजनाओं के लिए 7,800 करोड़ रुपये की मांग

मुख्यमंत्री ने राज्य में लगभग 10 गीगावाट पम्प्ड स्टोरेज क्षमता विकसित करने के लिए अगले पांच वर्षों में—

  • 7,800 करोड़ रुपये की केंद्रीय सहायता
  • अथवा Viability Gap Funding (VGF)

उपलब्ध कराने का अनुरोध किया।


BESS क्षमता बढ़ाने का अनुरोध

मुख्यमंत्री ने कहा कि—

  • वर्तमान में स्वीकृत Battery Energy Storage System (BESS) क्षमता 500 मेगावाट आवर है।
  • इसे बढ़ाकर 665 मेगावाट आवर किया जाए।
  • इसके अनुरूप Viability Gap Funding भी उपलब्ध कराई जाए।

उन्होंने कहा कि इससे ग्रिड स्थिरता और ऊर्जा सुरक्षा मजबूत होगी।


ADB सहायतित पिटकुल परियोजना पर भी चर्चा

बैठक में पिटकुल की 3,638.26 करोड़ रुपये लागत वाली एडीबी (ADB) सहायतित पारेषण परियोजना पर भी चर्चा हुई।

मुख्यमंत्री ने आग्रह किया कि—

  • परियोजना की मूल 80:20 वित्तीय व्यवस्था (ADB Loan : State Share) को बरकरार रखा जाए।
  • एडीबी ऋण का प्रस्तावित हिस्सा 2,910.61 करोड़ रुपये यथावत स्वीकृत किया जाए।
  • विशेष श्रेणी के हिमालयी राज्य के रूप में उत्तराखंड को मिलने वाले वित्तीय लाभ प्रभावित नहीं होने चाहिए।

CEA ने परियोजना को तकनीकी मंजूरी दी

मुख्यमंत्री ने बताया कि—

  • केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण (CEA) परियोजना को तकनीकी रूप से उपयुक्त मान चुका है।
  • विद्युत मंत्रालय ने भी ADB सहायता पर कोई आपत्ति नहीं जताई है।
  • केवल वित्तीय हिस्सेदारी में बदलाव का सुझाव दिया गया है, जिसे राज्य सरकार ने स्वीकार नहीं किया है।

ऊर्जा आत्मनिर्भरता में निभाएगा उत्तराखंड अहम भूमिका

मुख्यमंत्री ने कहा कि—

  • उत्तराखंड की जल विद्युत क्षमता विकसित भारत और ऊर्जा आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूत करेगी।
  • केंद्र सरकार का सहयोग राज्य के ऊर्जा क्षेत्र, आधारभूत ढांचे और सतत विकास को नई गति देगा।

केंद्रीय मंत्री ने दिया सकारात्मक आश्वासन

केंद्रीय विद्युत मंत्री मनोहर लाल खट्टर ने मुख्यमंत्री द्वारा प्रस्तुत सभी प्रस्तावों पर सकारात्मक विचार और आवश्यक कार्रवाई का आश्वासन दिया।

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