Monday, July 20, 2026
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भोपाल के मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय को मिली अत्याधुनिक प्रयोगशालाओं की सौगात, 11 करोड़ रुपये के विकास कार्यों का शुभारंभ

उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार बोले- भारतीय ज्ञान परंपरा, अनुसंधान और नवाचार से ही विकसित भारत-2047 का सपना होगा साकार

भोपाल।

उच्च शिक्षा, तकनीकी शिक्षा एवं आयुष मंत्री इंदर सिंह परमार ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में मध्यप्रदेश सरकार उच्च शिक्षा संस्थानों को आधुनिक अधोसंरचना, अनुसंधान सुविधाओं और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा से सशक्त बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि चरित्रवान, आत्मविश्वासी और राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत नागरिक तैयार करना है।

मंत्री परमार भोपाल के शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय में आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे, जहां लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से बनी अत्याधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं का लोकार्पण और करीब 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली बाउंड्रीवॉल एवं दो मुख्य प्रवेश द्वारों का भूमिपूजन किया गया।


प्रमुख बातें (Highlights)

  • मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय में 11 करोड़ रुपये के विकास कार्यों की शुरुआत।
  • 9 करोड़ रुपये की लागत से चार आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं का लोकार्पण।
  • 2 करोड़ रुपये की लागत से बाउंड्रीवॉल और मुख्य प्रवेश द्वार का भूमिपूजन।
  • राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर।
  • विद्यार्थियों को अनुसंधान, नवाचार और भारतीय ज्ञान परंपरा से जोड़ने पर बल।

चार आधुनिक विज्ञान प्रयोगशालाओं का लोकार्पण

विश्व बैंक परियोजना के तहत महाविद्यालय में लगभग 9 करोड़ रुपये की लागत से तैयार की गई निम्न प्रयोगशालाओं का उद्घाटन किया गया—

  • प्राणीशास्त्र (Zoology)
  • रसायनशास्त्र (Chemistry)
  • वनस्पति विज्ञान (Botany)
  • भौतिकी (Physics)

इन प्रयोगशालाओं में विद्यार्थियों को आधुनिक उपकरणों के माध्यम से वैज्ञानिक अनुसंधान, प्रायोगिक अध्ययन और नवाचार के बेहतर अवसर मिलेंगे।


परिसर की सुरक्षा के लिए नई बाउंड्रीवॉल

मंत्री ने लगभग 2 करोड़ रुपये की लागत से बनने वाली—

  • महाविद्यालय की बाउंड्रीवॉल
  • दो मुख्य प्रवेश द्वार

का भूमिपूजन किया।

उन्होंने कहा कि इससे परिसर की सुरक्षा, अनुशासन और शैक्षणिक वातावरण और मजबूत होगा।


विकसित भारत-2047 में युवाओं की होगी बड़ी भूमिका

इंदर सिंह परमार ने कहा कि विकसित भारत-2047 का लक्ष्य तभी पूरा होगा, जब युवा भारतीय ज्ञान परंपरा, आधुनिक विज्ञान, अनुसंधान, कौशल और नवाचार के साथ राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएंगे।

उन्होंने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा आज भी पूरी दुनिया को दिशा देने की क्षमता रखती है।


भारतीय ज्ञान परंपरा पर दिया जोर

मंत्री ने कहा कि भारत ने—

  • गणित
  • खगोल विज्ञान
  • आयुर्विज्ञान
  • कृषि
  • दर्शन
  • अभियांत्रिकी

जैसे क्षेत्रों में विश्व को महत्वपूर्ण योगदान दिया है।

उन्होंने आचार्य चाणक्य और सम्राट चंद्रगुप्त का उल्लेख करते हुए कहा कि भारतीय शिक्षा व्यवस्था ने विश्व स्तर के राष्ट्रनिर्माता तैयार किए हैं।


राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 को बताया ऐतिहासिक

मंत्री परमार ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 भारत की संस्कृति और आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार की गई है।

उन्होंने बताया कि—

  • उच्च शिक्षा में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया गया है।
  • गुणवत्ता आधारित शिक्षा व्यवस्था लागू की जा रही है।
  • आधुनिक विज्ञान और भारतीय मूल्यों का समन्वय किया जा रहा है।

मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय की सराहना

उन्होंने शासकीय मोतीलाल विज्ञान महाविद्यालय को प्रदेश के सबसे प्रतिष्ठित शिक्षण संस्थानों में से एक बताते हुए कहा कि इस संस्थान ने वर्षों से देश को उत्कृष्ट वैज्ञानिक, प्रशासक, शिक्षाविद और प्रतिभाशाली नागरिक दिए हैं।


अनुसंधान और नवाचार को मिलेगा बढ़ावा

मंत्री ने कहा कि आधुनिक प्रयोगशालाएं विद्यार्थियों की—

  • वैज्ञानिक सोच
  • शोध क्षमता
  • नवाचार
  • व्यावहारिक दक्षता

को नई दिशा देंगी और उन्हें राष्ट्रीय तथा अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतिस्पर्धाओं के लिए तैयार करेंगी।


विज्ञान वाटिका में किया पौधरोपण

कार्यक्रम के दौरान मंत्री इंदर सिंह परमार ने—

  • नई प्रयोगशालाओं का निरीक्षण किया।
  • विज्ञान वाटिका में पौधरोपण किया।
  • विद्यार्थियों और शिक्षकों से संवाद कर अनुसंधान एवं नवाचार के लिए प्रेरित किया।

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