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मुख्यमंत्री ने किया कार्यक्रम क्रियान्वयन विभाग द्वारा प्रकाशित ‘‘मेरी योजना’’ पुस्तक का विमोचन।
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आदि कैलाश की यात्रा पर आने वाले पर्यटकों के लिए सुविधाओं और कनेक्टिविटी को मजबूत करने के सम्बन्ध में पर्यटन विभाग के साथ बैठक की
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साहित्यकारों को प्रदान किये उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को ’’विकसित भारत’’ बनाने का संकल्प महज एक संकल्प नहीं, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने का दृढ़ विश्वास है।
राज्य में एयर कनेक्टिविटी मजबूत करने हेतु एलाइन्स एयर के साथ जल्द एमओयू, मार्च से हवाई सेवाएं आरम्भ – मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी
मुख्यमंत्री ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से वित्त विभाग के अंतर्गत लेखा परीक्षक के पद पर चयनित 51 अभ्यर्थियों को वितरित किये नियुक्ति पत्र
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड विधान सभा में नेशनल ई विधान एप्लीकेशन की ईएफसी (व्यय वित्त समिति) बैठक में प्रोजेक्ट को पूरा करने हेतु अवशेष राशि 14 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी
धामी सरकार ने अयोध्या में रामलला के दर्शन किए
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आगामी लोकसभा निर्वाचन से सम्बन्धित तैयारियों की समीक्षा की

लिव इन रिलेशनशिप में रहने वालों के लिए जरुरी सूचना- वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा अनिवार्य, यहां पढ़े पूरी शर्ते व नियम 

देहरादून। समान नागरिक संहिता लागू होने के बाद प्रदेश में लिव इन रिलेशनशिप का वेब पोर्टल पर रजिस्ट्रेशन कराना अनिवार्य होगा। रजिस्ट्रेशन न कराने पर युगल को छह महीने का कारावास और 25 हजार का दंड या दोनों हो सकते हैं। रजिस्ट्रेशन के तौर पर जो रसीद युगल को मिलेगी उसी के आधार पर उन्हें किराए पर घर, हॉस्टल या पीजी मिल सकेगा। सूत्रों के मुताबिक, हाल ही में धामी सरकार को सौंपे गए यूसीसी ड्राफ्ट में यह प्रावधान किया गया है। यूसीसी में लिव इन रिलेशनशिप को स्पष्ट रूप से परिभाषित किया गया है। इसके मुताबिक, सिर्फ एक व्यस्क पुरुष व वयस्क महिला ही लिव इन रिलेशनशिप में रह सकेंगे।

वे पहले से विवाहित या किसी अन्य के साथ लिव इन रिलेशनशिप या प्रोहिबिटेड डिग्रीस ऑफ रिलेशनशिप में नहीं होने चाहिए। लिव-इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को लिव-इन में रहने के लिए अनिवार्य पंजीकरण एक रजिस्टर्ड वेब पोर्टल पर कराना होगा। पंजीकरण के उपरांत उन्हें रजिस्ट्रार पंजीकरण की रसीद देगा। उसी रसीद के आधार पर वह युगल किराए पर घर या हॉस्टल या पीजी ले सकेगा। पंजीकरण कराने वाले युगल की सूचना रजिस्ट्रार को उनके माता-पिता या अभिभावक को देनी होगी। लिव-इन के दौरान पैदा हुए बच्चों को उस युगल का जायज बच्चा ही माना जाएगा और उस बच्चे को जैविक संतान के समस्त अधिकार प्राप्त होंगे। लिव-इन में रहने वाले प्रत्येक व्यक्ति को संबंध विच्छेद का पंजीकरण कराना भी अनिवार्य होगा।

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