Breaking News
अब विकास प्राधिकरण क्षेत्रांतर्गत किसी भी प्रकार के विकास के लिए मानचित्र स्वीकृत कराना होगा अनिवार्य
अग्निवीर योजना सक्षम सैनिक, सशक्त सेना की दिशा में क्रांतिकारी कदम – जोशी
एससी एसटी (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत लंबित मामलों के निस्तारण पर जोर
जब मुंबई में बदरीनाथ मंदिर बना था, तब क्यों चुप थे कांग्रेसी
प्रभारी रावल पद पर विराजमान हेतु श्री बदरीनाथ धाम में धार्मिक अनुष्ठान हुए शुरू
श्री बदरीनाथ धाम में नायब रावल अमरनाथ नंबूदरी संभालेंगे पूजा- पाठ का जिम्मा
हरेला पर्व पर दून जिले में रोपे जाएंगे 10 लाख से अधिक पौधे
रूसी सेना में भर्ती हुए भारतीयों की होगी वतन वापसी, पीएम मोदी ने पुतिन के सामने उठाया मुद्दा
मानसिक रोगग्रस्त बच्चों और किशोरों का होगा सर्वे

ब्रश करते समय कहीं आपके दांतों से भी तो नहीं आ रहा खून, खतरनाक बीमारी के हैं लक्षण

ब्रश करते समय अगर दांतों में दर्द महसूस हो या खून आए या फिर किसी तरह की सूजन है तो इग्नोर करने की बजाय तुरंत अलर्ट हो जाएं। डेंटिस्ट के पास जाकर सलाह लें क्योंकि ये किसी बीमारी के शुरुआती लक्षण भी हो सकते हैं। दरअसल, ब्रश या कुल्ला करके हम सिर्फ दांतों को ही इंफेक्शन से नहीं बल्कि ओवरऑल हेल्थ को बचाने का काम करते हैं। लेकिन अगर एक हफ्ते तक दांतों या मंसूड़ों में खून आने, सूजन या दर्द की समस्याएं हो तो बिने देर किए डेंटिस्ट के पास जाना चाहिए।

दांतों या मंसूड़ों से खून क्यों आता है
एक्सपर्ट्स के मुताबिक, मसूड़ों से खून निकलने की एक नहीं कई वजहें हो सकती हैं. अमेरिकन डेंटल एसोसिएशन के मुताबिक, कई बार मसूड़ों में सूजन के कारण भी ब्रश करते समय खून आने लगता है। ये मसूड़ों में बीमारी के शुरुआती लक्षण हैं. मसूड़ों की बीमारी को पेरियोडोंटल डिजीज भी कहते हैं। इस बीमारी में दांतों के चारों ओर मसूड़ों और हड्डियों में संक्रमण हो जाता है। जिससे चारों तरफ प्लक(क्कद्यड्डह्नह्वद्ग) बनने लगते हैं. इस बीमारी में दांतों से खून भी आता है।

दांतों से खून आने की समस्या कब खतरनाक
महिलाओं में इस बीमारी के लक्षण प्यूबर्टी, प्रेगनेंसी, मेनोपॉज या मेंस्ट्रुअल साइकिल के दौरान देखने को मिलते हैं. उनमें ऐसा हार्मोनल बदलाव के कारण होता है।

हार्मोन मसूड़ों के पास जमा
बैक्टीरिया और प्लक के प्रति ज्यादा सेंसेटिव होते हैं. इसके अलावा स्मोकिंग, जेनेटिक, डायबिटीज जैसी बीमारी में इसका खतरा बढ़ सकता है. किसी तरह का एस्ट्रॉयड मेडिसीन या ओरल कॉन्ट्रासेप्टिव्स ले रहे हैं या फिर कैंसर या ड्रग थेरेपी चल रही है तो दिक्कतें बढ़ सकती हैं।

इस तरह करें बचाव
दिन में कम से कम दो से तीन बार ब्रश जरूर करें।

डाइट को संतुलित रखें
डेंटिस्ट के पास जाकर नियमित तौर पर जांच करवाएं।
स्मोकिंग और च्वींगम से बचें।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

Back To Top