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मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने साहित्यकारों को प्रदान किये उत्तराखण्ड साहित्य गौरव सम्मान
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा भारत को ’’विकसित भारत’’ बनाने का संकल्प महज एक संकल्प नहीं, बल्कि भारत को पुनः विश्वगुरू बनाने का दृढ़ विश्वास है।
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मुख्यमंत्री ने लोक सेवा आयोग के माध्यम से वित्त विभाग के अंतर्गत लेखा परीक्षक के पद पर चयनित 51 अभ्यर्थियों को वितरित किये नियुक्ति पत्र
मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने उत्तराखण्ड विधान सभा में नेशनल ई विधान एप्लीकेशन की ईएफसी (व्यय वित्त समिति) बैठक में प्रोजेक्ट को पूरा करने हेतु अवशेष राशि 14 करोड़ रूपये की स्वीकृति दी
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मुख्य सचिव श्रीमती राधा रतूड़ी ने आगामी लोकसभा निर्वाचन से सम्बन्धित तैयारियों की समीक्षा की

पेट में गैस बनने से बीपी हो सकता है हाई

खराब लाइफस्टाइल और खानपान में गड़बड़ी के कारण अक्सर हाई बीपी की समस्या होती है।  हाई बीपी एक दिन में शुरू नहीं होती है बल्कि यह कई खराब लाइफस्टाइल और खानपान का नतीजा होता है। ब्लड प्रेशर हाई होने से चक्कर आना, शरीर में सुस्ती छाना, कमजोरी, धुंधला दिखाई देना, सीने में दर्द जैसी परेशानियां होती है. हाई बीपी को हाइपरटेंशन भी कहा जाता है। जब नसों में ब्लड का प्रेशर बढ़ता है तो गंभीर परेशानियां होती है. जिसके कारण गैस या गैस्ट्रिक प्रॉब्लम होती है. इन सब के कारण हाई बीपी की समस्या हो सकती है।

बीपी दो तरह की होती एक में बीपी हाई तो एक में लॉ हो जाती है.हाई बीपी में ब्लड का प्रेशर बढ़ जाता है जिसके कारण हाइपरटेंशन की शिकायत हो जाती है. ब्लड प्रेशर बढऩे के कई कारण हो सकते हैं. कई कारणों से हाई बीपी ट्रिगर हो सकती है. पेट में एसिड का बैलेंस बिगडऩे के कारण भी हो सकता है। ब्लड प्रेशर की वजह से पेट में गैस की दिक्कत हो सकती है।

ब्लड प्रेशर कम है या ज्यादा तो उसके सही माप से ही पता चलता है. ब्लड प्रेशर चेक करने के लिए सिस्टोलिक और डायस्टोलिक आंकड़ों को देखा जाता है. ब्लड प्रेशर की सामान्य रीडिंग 120 एमएमएचजी और डायास्टोलिक – 80 एमएमएचजी है.अगर यह रेंज सिस्टोलिक – 130 से 139 एमएमएचजी के बीच और डायास्टोलिक – 80 से 90 एमएमएचजी के बीच हो जाती है। तो इस हाई बीपी समझा जाता है। हाई बीपी होने पर सिर में तेज दर्द होता है। बीपी बढऩे से जो प्रेशर बनता है, उससे सिर में झनझनाहट होने लगती है। खूब की रफ्तार तेज हो जाती है और दिल तेजी से काम करने लगता है. इस वजह से सिरदर्द की समस्या हो सकती है।

सीढिय़ां चढ़ते या चलते समय सांस फूले तो तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना चाहिए. जब दिल अच्छी तरह से काम नहीं करता है, तब यह समस्या होती है. ऐसे में ऑक्सीजन सप्लाई बाधित होती है और हर काम में मेहनत लगती है। नाक से खून आने को अनदेखा न करें. हाई बीपी की वजह से ऐसा हो सकता है। दरअसल, जब ब्लड प्रेशर हाई होता है, तब नाक की पतली-पतली झिल्लियों के फटने का खतरा रहता है. ऐसे में नाक से खून आने लगता है. तुरंत डॉक्टर के पास जाना चाहिए।

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