दिल्ली के डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने का इरादा केवल रोजगार पैदा करना ही नहीं है बल्कि खिलाड़ियों को अपनी एथलेटिक प्रतिभा को निखारने के लिए एक मंच प्रदान करना भी है।
नई दिल्ली। अंतरराष्ट्रीय ओलंपिक दिवस 2021 के अवसर पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने भारत की पहली महिला ओलंपिक पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी का दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की प्रथम उपकुलपति के रूप में स्वागत किया। इस अवसर पर सीएम अरविंद केजरीवाल ने कहा कि दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी का शुरू होना, हमारे लिए बहुत बड़े सपने का पूरा होना है। मुझे यह कहते हुए बेहद गर्व है कि ओलम्पिक पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की पहली उपकुलपति होंगी। उन्होंने कहा कि कर्णम मल्लेश्वरी के नेतृत्व में दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी में पढ़ने वाले विद्यार्थी पूरे विश्व में भारत का नाम रौशन करेंगे।
दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के विज़न पर चर्चा करते हुए उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया ने कहा कि दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की पहली कुलपति ओलंपिक पदक विजेता कर्णम मल्लेश्वरी की नियुक्ति की घोषणा करते हुए मुझे बहुत खुशी हो रही है। दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी की स्थापना का हमारा उद्देश्य अपने देश में ऐसे एथलीट तैयार करना है, जो हमारे देश को गौरवान्वित करें। हम एक ऐसा माहौल बनाना चाहते हैं, जहां खेल फले-फूले और अपने खिलाड़ियों को उस स्तर तक ले जाएं, जहां वे हर ओलंपिक में भारत के लिए कम से कम 50 पदक जीतें।
डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया ने कहा कि वर्ल्ड क्लास स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी बनाने का इरादा केवल रोजगार पैदा करना ही नहीं है, बल्कि खिलाड़ियों को अपनी एथलेटिक प्रतिभा को निखारने के लिए एक मंच प्रदान करना भी है। स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के माध्यम से, हम प्रतिभा के विकास को और बढ़ावा देना चाहते हैं, ताकि हम कह सकें कि कम से कम 50 ओलंपियन दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी के पूर्व छात्र हैं। विश्वविद्यालय अत्याधुनिक खेल सुविधाएं भी प्रदान करेगा। हमारा लक्ष्य कम से कम 10 खेल क्षेत्रों में अंतरराष्ट्रीय पदक विजेता चैंपियन तैयार करना है।
मनीष सिसोदिया ने साझा किया कि दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी एक प्रमुख खेल विश्वविद्यालय होगा। खेल और खिलाड़ियों के लिए सभी उच्च मानक स्थापित किए जाएंगे। यह देश और विश्व के टॉप यूनिवर्सिटी के रूप में पहचानी जाएगी। यूनिवर्सिटी में न केवल खेल प्रतिभाओं को तराशा जाएगा, बल्कि दिल्ली स्पोर्ट्स यूनिवर्सिटी से स्नातक होने पर एक छात्र को जो डिग्री मिलेगी, वह मुख्यधारा के पाठ्यक्रमों में मिलने वाली डिग्री के बराबर मान्य होगी।